राजस्थान में कितने उच्च न्यायलय है ?

राजस्थान में हाई कोर्ट कितने है ( Rajasthan me high court kitne h ) भारत जैसे विशाल गणराज्य के न्यायिक व्यवस्था जितनी आसान लगती है उतनी है नही। विभिन्न धर्म, जाति, जनजाति तथा क्षेत्र को संभालना इतना भी आसान नहीं है। ऐसे में भारत में कुछ कुछ ऐसे  ऐतिहासिक मामले भी है जिन पर फैसला आते आते 20 से भी ज्यादा साल लगे है।

फिर भी लोग न्यायलय में अपनी आस्था जमाये हुए है, आज नहीं तो कल न्याय जरूर होगा। स्वागत है दोस्तों आपको हमारे नए पोस्ट पर जिसका शिर्षक ” राजस्थान में हाई कोर्ट/उच्च न्यायलय” जिसमे हम बात करने बाले है राजस्थान के उच्च न्यायालय के बारे में और जानेंगे इससे जुड़ी कुछ रोचक बातों को भी। 

भारत में न्यायिक प्रणाली –

भारत में “Single Integrated Judicial System” का प्रचलन है। जिसके आधार पर देश के सर्वोच्च न्यायालय न्याय व्यवस्था में  सबसे उच्चतम स्थानपर है और उनके नीचे राज्य के हाई कोर्ट या उच्च न्यायालय और फिर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट या सबऑर्डिनेट कोर्ट ।

अगर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट तथा हाई कोर्ट से किसी के मामले नहीं सुलझते तो वे सर्वोच्च न्यायालय से गुहार करसकते है। न्यायालय की मुख्य भूमिका लोगो को न्याय प्रदान करने के साथ साथ प्रशासनिक क्षेत्र तथा न्यायतंत्र की सुरक्षा भी होती है। समय समय पर न्यायालय उपस्थित कानून व्यवस्था में बदलाव भी ला सकते है।

भारत में हाई कोर्ट –

भारत में अभी कुल 25 हाई कोर्ट या उच्च न्यायलय मैजूद है। जिनमे से कई सारे हाई कोर्ट एक से ज्यादा क्षेत्र के मामलो पर भी फैसले सुनाते है। भारत में कुल 7 ऐसे हाई कोर्ट मैजूद है।

राजस्थान में हाई कोर्ट –

राजस्थान की हाई कोर्ट ” राजस्थान हाई कोर्ट” के नाम से जाना जाता है। यह राजस्थान राज्य की उच्च न्यायालय है। राजस्थान हाई कोर्ट की स्थापना 29 अगस्त 1949 को हुआ था। “राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश 1949 के तहत इसकी स्थापना की गई।

राजस्थान हाई कोर्ट जोधपुर में स्थित है, जबके इसका एक सर्किट बेंच जयपुर में भी स्थित है। राजस्थान की राज्य की स्थापना से पहले राजस्थान में 5 हाई कोर्ट हुआ करता था जो के जोधपुर, जयपुर और बीकानेर, पूर्व राजस्थान और मत्स्य संघ में स्थित थे। साल 1949 में सभी 5 हाई कोर्ट को समाप्त करके पुरे राज्य के लिए एक ही हाई कोर्ट का प्रबंधन किया गया।

महाराजा सवाई मान सिंह द्वारा 29 अगस्त 1949 को राजस्थान की हाई कोर्ट की स्थापना जयपुर में हुआ था, बाद में 1956 में पूर्ण एकीकरण समाप्त होने पर सत्यनारायण राव समिति के सिफारिश से यह जोधपुर से जयपुर स्थानांतरित किया गया।

न्यायाधीश कमलाकांत वर्मा राजस्थान हाई कोर्ट के प्रथम मुख्य न्यायाधीश थे, और अभी मनिंदर मोहन श्रीवास्तव मुख न्यायाधीश है। जहां न्यायाधीश की क्षमता राजस्थान हाई कोर्ट में 50 है, अभी सिर्फ 34 ही नियुक्त है। आपको बता दे के राष्ट्रपति के द्वारा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का नियुक्त किया जाता है।

आखिरी शब्द

आशा है आपको हमारा यह पोस्ट “राजस्थान में हाई कोर्ट कितने है ( Rajasthan me high court kitne h )” पसंद आया होगा। आज इस पोस्ट में आपको राजस्थान के हाई कोर्ट के बारे में काफी कुछ जानने को मिला होगा। पोस्ट के बारे में अपना विचार हमे कंमेंट बॉक्स में जरूर लिख कर बताये और ऐसे ही नए नए पोस्ट पढ़ने के लिए हमारे साथ जुड़े रहिये।

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