राजस्थान की राजधानी कहा है ?

Rajasthan ki rajdhani

Rajasthan ki rajdhani

Rajasthan ki rajdhani ( राजस्थान की राजधानी ) भारत के पश्चिमी भाग में बसा राजस्थान में जीवन जीना जितना कठिन है उतना ही उत्साहपूर्ण भी है। हर दिन एक नयी चुनौती के साथ करवट बदलती कठिनाइयां यहा रेगिस्थान के रूप में मोजूद है। 

कड़कती धुप के साथ पानी के कमी यहाँ के जीवन को बेहाल करने के लिए बदनाम है। शायद राजस्थान के नाम से आपको यह सब तस्वीर मन में अपने आप ही बन जाती है। आज उससे उलट हम बात करने वाले है यहाँ के मिटटी में फल फूल रही जीवन तथा सुंदरता के बारे में, और जानेंगे “राजस्थान की राजधानी” और साथ ही इसके ऐतिहासिक तथा पर्यटन के पहलू को।

राजस्थान

प्राकृतिक सुंदरता तथा अरावली पर्वत श्रृंखला, माउंट आबू और कई सारे प्राणी उद्यान से भरा यह राज्य आयतन के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा राज्य है। पश्चिम में रेड क्लिप लाइन के जरिये पाकिस्तान से जुड़े होने के कारण राजनैतिक तथा वैदेशिक व्यापर के नजरिये से भी काफी महत्वपूर्ण है। 

राजस्थान दक्षिण-पश्चिम में गुजरात, दक्षिण-पूर्व में मध्यप्रदेश, उत्तर में पंजाब, उत्तर-पूर्व में उत्तरप्रदेश और हरियाणा से अपने सीमा को साझा करता है। 1070 km के पाकिस्तान से सीमा होने के बावजूद तपती रेगिस्थान तथा सशस्त्र सुरक्षा वल के कारण घुसपैठिया भारत में प्रवेश नहीं कर पाते। 

राज्य के कुल भूभाग के फीसदी इलाके में फैला रेगिस्थान भले ही यहाँ के जीवन को मुश्किल बनाता हो, मगर सुरक्षा के दृश्टिकोण से यह बेहद जरुरी है।

राजपुताना से राजस्थान तक का सफर

स्वतंत्र भारत से पहले राजपुताना के नाम से प्रसिद्ध राजस्थान गठन 30 मार्च 1949 को हुआ। 23 प्रिंसली स्टेट से बना राजस्थान बाद में बाद में आधिकारिक तौर पे 33 जिलों में बट गए।

राजधानी

राजस्थान के पूर्व में बसा जयपुर जिला तथा शहर राजस्थान की राजधानी है। 1727 में आमेर के शासक जय सिंह के द्वरा प्रतिष्टित होने के कारण इसका नाम जयपुर रखा गया। “भारत के पेरिस” तथा अपने गुलाबी रंग के इमारतों के कारण “गुलाबी शहर” या “pink city” के नाम से भी मसहूर है।

11,117 वर्ग किलो-मीटर क्षेत्रफल विशिष्ट इस जिले के मुख्यालय जयपुर शहर है जिसकी कुल आयतन 467 वर्ग किलो-मीटर और आबादी 30 लाख से ज्यादा है। इसीके साथ ही यह राजस्थान के सबसे आबादी भरे इलाका भरा शहर भी है।

1727 में आमेर से महज 11 km दुरी पर स्थित जयपुर को राजा जय सिंह द्वारा अपने नए राजधानी के रूप में स्थानांतर किया गया। 19वी सताब्दी के सुरूवात में ही व्यापर और कर्म के खोज में लोग यहाँ बसने लगे।

जलवायु

मॉनसून से प्रभावित यह इलाका गर्मी में काफी गर्म तथा शर्दी काफी ठण्ड लगा रहता है। सालाना जुलाई और अगस्त के महीने में मानसून के कारण बारिश लगने से गर्मीे से थोड़ी राहत मिलती है। पर्यटन की बात करे तो साल के आखरी तथा पहली 4 महीने घूमने के लिए उत्तम है।

पर्यटन स्थल

जयपुर में कई सारे पर्यटन स्थल है। जिनमे हवा महल, जंतर-मंतर, आमेर का किला, जयगढ़ दुर्ग, सिटी पैलेस, श्री गोविन्ददेव जी के मंदिर, श्री लक्ष्मी जगदीश महाराज मंदिर आदि काफी मसहूर है।

आशा है आपको हमारा यह लेख “राजस्थान की राजधानी” काफी पसंद आया होगा। इसमें हमने राजस्थान के राजधानी जयपुर के बारे काफी कुछ चर्चा किया। पोस्ट के बारे में अपना राय हमे कंमेंट में जरूर दे।

आपने क्या सीखा ?

हमे आशा है की आपको Rajasthan ki rajdhani ( राजस्थान की राजधानी ) विषय के बारे में दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी। अगर आपको इस विषय के बारे में कोई Doubts है तो वो आप हमे नीचे कमेंट कर के बता सकते है। आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा।

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