राजस्थान दिवस कब मनाया जाता है ?

Rajasthan diwas kab manaya jata hai ( राजस्थान दिवस कब मनाया जाता है ) अखंड भारत के विभाजन से जन्म लिया एक महान देश जिसे आज हम भारत के नाम से जानते है। प्रारंभिक समय में भाषा तथा प्रान्तों  के हिसाब से राज्यों का गठन होने  लगा। ऐसे में राज्यों के सीमा निर्धारण और प्रान्तों के बंटवारे इतने आसान नहीं थे। 

चलिये आज हम जानते है क्षेत्रफल के हिसाब से भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान के गठन के बारे में। स्वागत है आप सबको हमारे इस नए पोस्ट पर जिसका शिर्षक “राजस्थान दिवस कब मनाया जाता है“, जानेंगे राजस्थान दिवस के साथ साथ राजस्थान के गठन के बारे में कुछ रोचक जानकारियां।

राजस्थान –

कला और संस्कृति में समृद्ध यह प्रान्त पहले ही गुर्जर, राजपूत, मौर्य तथा जाट जैसी शक्तिशाली राजाओं द्वारा शाषित हो चूका था। स्वतंत्रता के समय या कुल 22 रियासतों पर राजपूतों का राज चल रहा था। 

देश  स्वतंत्रता के पश्चात जब राज्यो का गठन किया जा रहा था, तभी राजस्थान में 19 रियासत 3 ठिकाना तथा 1 चिफसेफ महजूद था। 30 मार्च 1949 के दिन जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर रियासतों के मिलाकर “बृहत्तर राजस्थान संघ” की स्थापना किया गया जिसे हम राजस्थान के स्थापना दिवस के नाम से जानते है।

राजस्थान की स्थापना –

कला, संस्कृति तथा वीरों से समृद्ध यह राज्यो कभी ब्रिटिश हुकूमत के साए में था। देश को स्वतंत्रता प्राप्त होने के पश्चात यहां राज्य बनने की प्रक्रिया शुरू हुई। कुल 19 रियासत के साथ 3 ठिकाने और एक चिफसेफ में बटा इस प्रदेश के निर्माण के लिए कुल 8 साल 7 महीने 14 दिन का समय लगा। कुल 7 चरणों में राज्य की स्थापना परिसमाप्त हुआ।

पहला चरण 17 मार्च 1948 को हुआ था, जिसमे 4 रियासत (अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली) और एक ठिकाना नीमराणा (अलवर) शामिल था। के.एम् मुंशी के सिफारिश से इसका नाम मत्स्य संघ रखा गया जिसका राजधानी अलवर था।

दूसरा चरण में 9 रियासत ( डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, शाहपुर, किशनगढ़, बूंदी, कोटा, टोंक, झालावाड़)   और एक ठिकाना (कुशलगढ़) 25 मार्च 1948 को मिलकर पूर्व राजस्थान की स्थापना करते है। इसके राजधानी कोटा को बनाया जाता है और एन. बी गड्विल द्वारा उद्घाटित किया जाता है।

तीसरा चरण में पूर्व राजस्थान को उदयपुर से मिलाकर 18 अप्रैल 1948 को संयुक्त राजस्थान का गठन होता है। इसके नए राजधानी उदयपुर को बनाया जाता है। पंडित नेहरू इसके सिफारिश तथा उद्घाटन कर्ता थे।

चौथा चरण में संयुक्त राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर और लावा ठिकाना को मिलाकर 30 मार्च 1949 को वृहद राजस्थान का गठना होता है। इसके साथ ही इस समय  शिक्षा विभाग (बीकानेर), न्याय विभाग (जोधपुर), वन विभाग (कोटा), कृषि विभाग (भरतपुर), खनिज विभाग (उदयपुर) का भी स्थापना हुआ।

इन सब में सरदार वल्लभ भाई पटेल का बहत ही बड़ा योगदान रहा है।

पांचवे चरण में वृहद् राजस्थान से मत्स्य संघ का मिलन होकर संयुक्त वृहद राजस्थान का गठन 15 मई 1949 को हुआ। नए राजधानी जयपुर को बनाया गया।

छठे चरण में संयुक्त वृहद राजस्थान और सिरोही मिलकर 26 जनुअरी 1950 को राजस्थान संघ का गठन करते है। इसके साथ ही “राजपुताना” से बदलकर “राजस्थान” रखा गया।

और आखरी सातवे चरण में 1 नवम्बर 1956 को राजस्थान संघ से आबू दिलवाड़ा, अजमेर मेरवाड़ा, सुनेल टोपा मिलकर आज के राजस्थान का निर्माण करते है।

राजस्थान दिवस –

30 मार्च 1949 में जब वृहद राजस्थान का गठन हुआ, उसी दिन को ही राजस्थान के गठना दिवस के तौर पर माना गया। इस दिन राजस्थान के वीर और विरांगनाओं के साहस और बलिदान के साथ कला और संकृति का प्रदर्शन होता है।

आपने क्या सीखा ?

हमे आशा है की आपको Rajasthan diwas kab manaya jata hai ( राजस्थान दिवस कब मनाया जाता है ) विषय के बारे में दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी। अगर आपको इस विषय के बारे में कोई Doubts है तो वो आप हमे नीचे कमेंट कर के बता सकते है। आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा।

यह भी पढ़े

राजस्थान के बारे में विस्तृत जानकारी

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