“दया कुछ तो गड़बड़ है” कैसे बोला गया यह डायलॉग और इसकी कहानी

Daya kuch to gadbad hai

दया कुछ तो गड़बड़ है ( Daya kuch to gadbad hai ) नमस्कार दोस्तों, टीवी पर एक शो सबसे ज्यादा देखा जाता है। हम बात कर रहे है CID शो की जो टीवी पर काफी देखा जाता है। अगर इस शो को दिखने की बात करे तो यह Sony Pal चैनल पर काफी आता है। 

इस शो में काफी ऐसे Character है जो हमे काफी याद आते है। इन Character में सबसे पहले यह याद करते है Daya को जो इस शो में दरवाजे तोड़ने के लिए जाने जाते है। इन्ही दया के नाम से एक डायलॉग काफी प्रसिद्ध है जो की डाटा कुछ तो गड़बड़ है। इस डायलॉग को काफी बोला जाता है। 

आज के इस आर्टिकल हम इसी शो के बारे में बात कर रहे है की यह डायलॉग कैसे बोला गया और इसकी शुरुआत कैसे हुई। आईये जानते है इसके बारे में विस्तार से – 

दया कुछ तो गड़बड़ है!

दया कुछ तो गड़बड़ है, यह डायलॉग सीआईडी शो में शिवाजी साटम यानी ACP प्रद्युमन द्वारा बोला जाता है। इस डायलॉग को बोलने के लिए वो साथ के कुछ ख़ास ईशारे करते है जो इस डायलॉग में जान फूंक देते है। 

CID में इस शो को काफी इस्तेमाल किया जाता है जो यूजर को भी पसंद आता है और लोग उसे काफी पसंद भी करते है। अब सवाल यह की यह डायलॉग इस शो में कैसे आया? इसकी शुरुआत कैसे हुई? 

शिवाजी साटम में बताया इस डायलॉग का राज-

एक इंटरव्यू में शिवाजी साटम यानी प्रद्युमन में अपने इंटरव्यू में इस डायलॉग का किस्सा बताया। उन्होंने इंटरव्यू के दोहरान बताया कि

“उन्होंने बताया कि एक दिन मैं ( यानी शिवाजी साटम ) शो के क्रिएटर से बात कर रहा था और वे मुझे लगातार देख रहे थे। फिर मैंने उनसे पूछा कि क्या हुआ? तब उन्होंने मुझसे कहा, “जिस तरह से तू समझा रहा था अभी, जो तू हाथ से करके बता रहा था ये ही मुझे चाहिए करेगा तू ये? इसको तू ACP के करैक्टर में ला सकता है क्या? फिर इसके बाद से ही शिवाजी ने शो में ये डायलाग इम्प्लीमेंट किया और आज ये लाइन सभी के मुंह पर है।”

इसी दोहरान उन्होंने इस डायलॉग का Implement किया और उसके बाद इस शो में बोला जाने लगा। Daya Kuch to gadbad hai यह एक ऐसा डायलॉग है जो हर किसी में मुह पर याद है। 

आपने क्या सीखा ?

हमे आशा है की आपको दया कुछ तो गड़बड़ है ( Daya kuch to gadbad hai ) विषय के बारे में दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी। अगर आपको इस विषय के बारे में कोई Doubts है तो वो आप हमे नीचे कमेंट कर के बता सकते है। आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा।

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